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इटली में आंग्रेजी भाषा पूरी तरह से प्रतिबंध ,बोलने प्रयोग करने पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना। जॉर्जिया मेलोनी

इटली की राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की आंग्रेजी भाषा को प्रतिबंधित करने की नीति।



इटली के Right wing party। (Brothers of Italy) के far right wing प्रधानमंत्री  Giorgia Meloni इन दिनों अपने  नीति  आंग्रेजी को पूरी तरह से BAN , आंग्रेजी को गैर कानूनी।   की कारण से खासकर  यूरोपीय देशों में चर्चा का विषय बने हुए है।। अब  इटली का मूल भाषा इटालियन हो चुका।              कही भी किसी भी कर्मचारी द्वारा आंग्रेजी इस्तेमाल करने पर एक करोड़ भारतीय रुपये दंड का प्रावधान है।
इटली के Right wing party। (Brothers of Italy) के far right wing प्रधानमंत्री  Giorgia Meloni इन दिनों अपने  नीति  आंग्रेजी को पूरी तरह से BAN , आंग्रेजी को गैर कानूनी।   की कारण से खासकर  यूरोपीय देशों में चर्चा का विषय बने हुए है।। अब  इटली का मूल भाषा इटालियन हो चुका।              कही भी किसी भी कर्मचारी द्वारा आंग्रेजी इस्तेमाल करने पर एक करोड़ भारतीय रुपये दंड का प्रावधान है।


Giorgia Meloni की सोच व्यापक एवं प्रभावपूर्ण है आखिर क्यों आंग्रेजी भाषा पर प्रतिबंध लगा रही है।


जॉर्जिया मेलोनी का मानना है।की

English एक softpower  का tool है एक औजार है USA का जिससे USA अपनी विचारधारा अपनी सोच अपनी कंपनियों के लिए एक रास्ता  बनाता है एक देश के अंदर।

और यह बात काफी हद साबित हो चुका है,

हम जानते है अमेरिका एक सुपरपावर है, अमेरिका दूसरे देशों में अपनी  value अपनी इंटरेस्ट और कुल मिलाकर अपनी प्रभाव जमाने के लिए आंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल करता है।

क्योकि  आप समझ लीजिए

जिस भी देश मे आंग्रेजी पहुच गई न, फिर उस देश मे अमेरिकन move, अमेरिकन गाने अमेरिकन meams ,jock, अमेरिकन culture ,pub, club ,Bar। अमेरिकन सॉफ्टवेअर और भी अन्य अमेरिकन प्रोडक्ट  इन सबका बिक्री भी उस देश मे बढ़ जाएगा और अमेरिका की  influence भी उस देश मे काफी हद तक बढ़ जाएगा।

कल को अमेरिका का कोई मंत्री कुछ  बयान देता है तो उस देश मे भी बातें शुरु हो जाएगी  अमेरिकन बातें उस देश में बहुत ही जल्द लोगो को प्रभावित करेगी।। news बनेगी अखबार में छपेगी।   लोगो के मध्य अमेरिका एक विषय बनेगा, यह विषय व्यापक होकर राजनीतिक गलियारों में सोर मचाएगी।


अब जरा सोच कर देखिए

क्या यह अमेरिकन news, चीन में रूस में।  इतना प्रभाव जमा पाएगी। अमेरिका का इतना प्रभाव क्या चीन  रूस के लोगो में होगा 


क्योकि इन दो देशों में आंग्रेजी पूरी तरह से ban है 90% चीन व रूस के लोगो को यही पता नही होगा चलता अमेरिका क्या कहा क्या बयान आया कुछ नही क्योकि यहाँ पर भाषा की अवरोध है।


आपसे कुछ स्वाल पूछता हूं। आप और मैं सब रूस को एक हमसाया एक विस्वसनीय मित्र मानते है।।  उसी रूस के बारे में कुछ सवाल है

1.रूस के कोई फ़िल्म का नाम बताइए?
1.रूस के कोई अभिनेता या अभिनेत्रि की नाम बताइए।
1. कोई रूसी गाने का नाम बताइये।

99 प्रतिशत लोग नही बता पाएंगे। 


अमेरिका अंग्रेजी के जरिये विश्व को अपने और करता है   America conquers the world through English

मान लो कल को राजनैतिक एवं सामरिक रूप से अमेरिका भारत और करीब आजाते है  तो भारत पर एक बहुत जयदा प्रभाव पड़ेगा अमेरिका का,  दूर बैठे अमेरिका भारतीय अर्थव्यवस्था ,भारतीय समाज ,लोकतंत्र, राजनीति आदि को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

आज के समय भी अमेरिका पर आम भारतीय भरोसा नही करते है तो उसका कारण है 1971 तथा कारगिल जैसे कठिन समय मे दुश्मन का साथ देना है , कल को अमेरिका कुछ इस तरह की परिस्तिति में भारत का साथ दे देता है या POK लेने में भारत का साथ दे देता है या फिर चीन को धकेलने में भारत का साथ दे देता  फिर भारतीय लोगो के अंदर अमेरिका की लोकप्रियता काफी बढ़ जाएगी  सायद रूस छोड़ अमेरिका की मित्रता जयदा प्रभावपूर्ण लगने लग्गेगा।

और इन सब की  फाउंडेशन क्या है। इन सबकी फाउंडेशन English language है

अमेरिका को इंग्लिश लैंगवेज का बहुत लाभ मिलता है भारत और अन्य देशों में। ये देश अपने देश की व्यवस्था पर कम अमेरिका की रिपोर्ट अमेरिकी बयान पर जयदा भरोसा करने लगते है 


अमेरिका की influence है वो एक देश पर क्या प्रभाव डालता है वो आपके सोच के ऊपर आप उसे कैसे देखते हो।

 उदाहरस्वरूप

जो इटली के प्रधानमंत्री है जेर्जिया मेलोनी  उनका मानना है  की ये

UK, USA ये देश एंग्लो कंट्री है एंग्लो एथिनिसिटी के है यहां एक भाषा बोली जाती है,इन देशों को एंग्लो सेक्शन कहा जाता है ।

इश्लिये जो एंग्लो सेक्शन का प्रभाव है वो इटली के मूल भाषा यहां की संस्कृति यहां की पहनावा यहां की बोली पर पड़ रहा है लोग अपनी इडेन्टिटी को भूलते जा रहे,

इश्लिये इटली की राजनितिक दल brother of party  के जो प्रधानमंत्री है जेर्जिया मेलोनी इनका कहना है ,मैं इन सब विदेसी संस्कृति को बाहर कर इटली की मूल भाषा संस्कृति, बोली, पहनावा खान पान, इन सबको बढ़ावा दूंगी।

चीनी mobile app tik tok पर पहले  ही कारवाई सुरु हो चुकी है ,इसमें अश्लीलता अभद्रतापूर्ण सामग्री जो समाज को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। कुछ समय उपरांत यह Ban भी हो जाय



भारतीय नजरिये से

क्या भारत का मुख्य भाषा संस्कृत हो सकती है।


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